Sadhna
तुझ संग प्रीत लगाई कान्हा
भजन · कृष्ण

॥ तुझ संग प्रीत लगाई कान्हा ॥

तुझ संग प्रीत लगाई कान्हा, कान्हा, कान्हा, ओ कान्हा

तुझ संग प्रीत लगाई कान्हा, कान्हा, कान्हा, ओ कान्हा

हाय गिरधारी मुरली धारी

तूने मुझे मुरली से अपना बनाया हो

भक्ति की राहों पे चलना सिखाया

सुख और दुख में जीना सिखाया

मैं हूँ तुझ पे वारी कान्हा, कान्हा, कान्हा, कान्हा