Sadhna
तेरे दरवाजे पर एक अर्जी छोड़ी है
भजन · खाटू श्याम

॥ तेरे दरवाजे पर एक अर्जी छोड़ी है ॥

तेरे दरवाजे पर एक अर्जी छोड़ी है

पढ़ लेना साँवरिया ये बहुत जरूरी है।

पढ़ लेना ओ बाबा, ये बहुत जरूरी है।

दर्शन को तेरे आया, खुद को भुलाया

पड़ा था जो मेरे मन में कह भी न पाया

टूटी-फूटी वाणी लग सकती अधूरी है

पढ लेना ओ बाबा, ये बहुत जरूरी है।

अकेले में पढ़ना बाबा, जग ना हँसाना

नादान की लज्जा को प्रेम से निभाना

भक्तों की तू बाबा समझे मजबूरी है

पढ़ लेना ओ बाबा, ये बहुत जरूरी है -

तेरे दर पे आई बाबा दुख को मैं लेके

पूरी कर दो बाबा मेरी अर्जी ये सुनके

सबके दामन में तु ला दे खुशियाँ अधूरी रे

पढ लेना मेरे बाबा ये बहुत ज़रूरी है