॥ श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी ॥
श्री कृष्ण गोविंदा हरे मुरारी
हे नाथ नारायण वासुदेवा
श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी
हे नाथ नारायण वासुदेवा
पितु मात स्वामी सखा हमारे
हे नाथ नारायण वासुदेवा
ठाकुर हमारे प्राणों से प्यारे
तुम हो हमारे हम हैं तुम्हारे
हे नाथ नारायण वासुदेवा
गैयन चरैया माखन चुरैया
दीनों की नैया के तुम ही खिवैया
हे नाथ नारायण वासुदेवा
तुम से है धरती तुमसे है अम्बर
अग्नि पवन और सातों समंदर
हे नाथ नारायण वासुदेवा
गोविंद मेरो है गोपाल मेरो है
श्री बांके बिहारी नंदलाल मेरो है
एक मात स्वामी सखा हमारे
हे नाथ नारायण वासुदेवा
बंदी गृह के तुम अवतारी
कहीं जन्मे कहीं पले मुरारी
किसी के जाये किसी के कहाये
है अद्भुत हर बात तिहारी
गोकुल में चमके मथुरा के तारे
Source: WhatsApp group photosadhna.ai/shri-krishna-govind-hare-murari-2