॥ नन्हा सा फूल हूँ मैं चरणों की धूल हूँ मैं ॥
नन्हा सा फूल हूँ मैं, चरणों की धूल हूँ मैं,
नन्हा सा फूल हूँ मैं, चरणों की धूल हूँ मैं,
आया हूँ मैं तो तेरे द्वार,
प्रभु जी मेरी पूजा करो स्वीकार ॥
मैं तो निर्गुनिया हूँ, बस इतनी बात है,
मेरे जीवन की डोरी अब तेरे हाथ है,
थोड़ा सा गुण मिल जाए, निर्धन को धन मिल जाए,
मानूँ तुम्हारा उपकार,
प्रभु जी मेरी पूजा करो स्वीकार ॥
सुन लो हमारी अर्जी, मुझको कुछ ज्ञान दो,
जीवन को जीना सीखूँ, ऐसा वरदान दो,
सूरज सी शान पाऊँ, चंदा सा मान पाऊँ,
इतना सा दे दो उपहार,
प्रभु जी मेरी पूजा करो स्वीकार ॥
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