॥ जिस दिन हमारे घर कीर्तन होगा ॥
जिस दिन हमारे घर,
कीर्तन होगा,
मेरे घर बाबा,
तुम्हें आना होगा,
ये अरदास हमारी बाबा,
सुनना होगा,
जिस दिन हमारें घर,
कीर्तन होगा,
मेरे घर बाबा,
सुंदर सी चौकी पर बाबा,
तुमको बिठाएंगे,
हाथों से बनाकर हार,
फूलों के पहनाएंगे,
तेरे इतर से महका,
आंगन होगा,
मेरे घर बाबा,
अष्ट गंध का छापा होगा,
सुंदर बागा होगा,
तेरे हाथ मेरी किस्मत का,
धागा होगा,
जैसे तू चलाए मुझे,
चलना होगा,
मेरे घर बाबा,
मैं अज्ञानी बाबा कैसे,
तेरा यश गाऊंगा,
कैसे बाबा तेरे मैं,
लाड़ लड़ाऊंगा,
फिर भी तुझे मुझे,
सहना होगा,
मेरे घर बाबा,
मैं गरीब हूँ बाबा चंदन,
तिलक कहां से लाऊंगा,
कैसे बाबा तेरे छप्पन,
भोग मैं सजाऊंगा,
‘चंटी’ का मान बाबा,
रखना होगा,
मेरे घर बाबा,
जिस दिन हमारे घर,
कीर्तन होगा,
मेरे घर बाबा,
तुम्हें आना होगा,
ये अरदास हमारी बाबा,
सुनना होगा,
जिस दिन हमारें घर,
कीर्तन होगा,
मेरे घर बाबा,
Source: Bhajan Diary, https://www.bhajandiary.com/jis-din-hamare-ghar-kirtan-hoga/sadhna.ai/jis-din-hamare-ghar-kirtan-hoga