॥ जादू भरी तेरी आँखें जिधर गई ॥

जादू भरी तेरी आँखें जिधर गई

घायल करके जिगर में उतर गई

निरख छटा घनघोर घटा

सावन सी उमड़ गई

घायल करके जिगर में उतर गई

प्रेम की लरी अरी दृग दोनों

बरस परी मोती सी बिखर गई

जादू भरी तेरी आँखें जिधर गई

घायल करके जिगर में उतर गई

कि इक कंकड़ी नैन पड़े तो नैन होत बेचैन

तो उन नैनन में चैन कहाँ, जिन नैनन में नैन

जादू भरी तेरी आँखें जिधर गई

घायल करके जिगर में उतर गई

अब पल पलक टरत नहीं टारे

छीन छोरत जनु जान निकर गई

जादू भरी तेरी आँखें जिधर गई

घायल करके जिगर में उतर गई

नैन कटारी बारी बारी पलकन मारी

जादू की पिटारी जिया छुई मुई कर गई

जादू भरी तेरी आँखें जिधर गई

घायल करके जिगर में उतर गई

हमें औरन से कछु काम नहीं

अब तो जो कलंक लगो सो लगो

और रंग दूसरो और चढ़ेगो नहीं

क्योंकि सखी साँवरो रंग रंगो सो रंगो

जादू भरी तेरी आँखें जिधर गई

घायल करके जिगर में उतर गई

हो, जिगर में उतर गई