॥ बाजरे की रोटी खाले श्याम ॥
बाजरे की रोटी खाले श्याम,
चुरमा ने भूल जावेलो।।
जाटणी के हाथ की,
बणी रे कमाल की,
सागे लाई हाँडी फिर,
खड्डी और दाल की
गुड़ मिठो मिठो लाई श्याम,
के चुरमा ने भूल जावेलो,
बाजरे की रोटी खालो श्याम,
चुरमा ने भूल जावेलो।।
बाजरो ऐसो है बाबा,
ठंड नही लागे,
दस बीस कोस बाबा,
खाई के तू भागे,
गोढा में आवेगी थारे जान,
के चुरमा ने भूल जावेलो,
बाजरे की रोटी खालो श्याम,
चुरमा ने भूल जावेलो।।
बाजरे की रोटी सागे,
छाछ का सबड्का,
खाए के मारेला,
तू मूँछ पे रगड़का,
के चुरमा ने भूल जावेलो,
बाजरे की रोटी खालो श्याम,
चुरमा ने भूल जावेलो।।
‘बनवारी’ रोटी ऐसो,
ढूंडतो रवेगो,
हरियाणे तक मेरो,
पुछतो रवेगो,
पुछतो रवेगो म्हारो नाम,
के चुरमा ने भूल जावेलो,
बाजरे की रोटी खालो श्याम,
चुरमा ने भूल जावेलो।।
बाजरे की रोटी खाले श्याम,
चुरमा ने भूल जावेलो।।
Source: Bhajan Diary, https://www.bhajandiary.com/bajre-ki-roti-khale-shyam-lyrics-in-hindi/sadhna.ai/bajre-ki-roti-khale-shyam